अभिलाषा

पग-पग में है अभिलाषा ,अनु-अनु में है मृदुभाषा
जीवन है पल-पल इक आशा,”मैं”उस आशा की परिभाषा …..

नन्ही-नन्ही बूंदों और कलियों के,मन-मल्हार के हम साथी
भावों से विचारों तक के हम-तुम हैं इक माझी
पग-पग में है अभिलाषा ,अनु-अनु में है मृदुभाषा
जीवन है पल-पल इक आशा,”मैं”उस आशा की परिभाषा …..

सतरंगी स्वप्नों से आगे बढ़ने और लड़ने की राह
पंख पसार, अपने जग में मानवता भरने की मेरी चाह
पग-पग में है अभिलाषा ,अनु-अनु में है मृदुभाषा
जीवन है पल-पल इक आशा,”मैं”उस आशा की परिभाषा …..

नव-चेतन मेरे मन से,मन के मेरे हर कण-कण से
अनुभव और संभव का नाता,करते-चलते ही बन जाता
पग-पग में है अभिलाषा ,अनु-अनु में है मृदुभाषा
जीवन है पल-पल इक आशा,”मैं”उस आशा की परिभाषा …..

पहचान मेरी है ये ही,उत्सुक आँखों को बतलाऊँ
संयम और धीरज से ही जग में “मैं”कहलाऊँ
पग-पग में है अभिलाषा ,अनु-अनु में है मृदुभाषा
जीवन है पल-पल इक आशा,”मैं”उस आशा की परिभाषा …..

                                                                          – (प्रतिभा)

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